फिशर क्या है - बेसिक सवाल
फिशर क्या होता है?
फिशर मतलब गुदा (potty वाली जगह) में एक छोटा सा कट या दरार। जब आप toilet जाते हो तो बहुत तेज दर्द होता है, जैसे कांच निकल रहा हो। कभी-कभी खून भी आता है। ये बहुत common problem है और किसी को भी हो सकती है।
फिशर क्यों होता है?
सबसे बड़ा कारण कब्ज है। जब पेट साफ नहीं होता और tight/hard potty जाती है तो गुदा में कट पड़ जाता है। और भी कारण: 1) लूज मोशन ज्यादा दिन रहना, 2) potty करते वक्त ज्यादा जोर लगाना, 3) delivery के बाद, 4) ऑफिस में बहुत देर बैठना।
फिशर के symptoms क्या हैं?
फिशर के लक्षण: 1) Potty करते वक्त बहुत तेज दर्द - जलन जैसा, 2) Potty के बाद भी 1-2 घंटे तक दर्द रहता है, 3) Toilet paper पर खून दिखना, 4) गुदा के पास खुजली या जलन। अगर ये symptoms हैं तो doctor को दिखाओ।
फिशर और पाइल्स (बवासीर) में क्या फर्क है?
दोनों अलग हैं! फिशर = कट होता है जिसमें बहुत दर्द होता है। पाइल्स/बवासीर = नसें फूल जाती हैं, खून आता है लेकिन दर्द कम होता है। मुख्य फर्क: फिशर में potty करते वक्त बहुत तेज दर्द, पाइल्स में ज्यादातर बिना दर्द खून आता है। कभी-कभी दोनों साथ भी हो सकते हैं।
क्या फिशर serious बीमारी है?
नया फिशर खतरनाक नहीं है, 4-6 हफ्ते में ठीक हो सकता है। लेकिन पुराना फिशर (2 महीने से ज्यादा) life बहुत खराब कर देता है - हर वक्त दर्द, toilet जाने का डर, खाना छोड़ना। इलाज न हो तो: 1) दर्द और बढ़ता है, 2) infection का खतरा, 3) कट और गहरा होता है।
नया फिशर और पुराना फिशर में क्या अंतर है?
नया (Acute) फिशर: हाल में हुआ, 6-8 हफ्ते से कम पुराना, घर पर care से ठीक हो जाता है। पुराना (Chronic) फिशर: 2 महीने से ज्यादा पुराना, गहरा कट, skin tag बन जाता है, मांसपेशी में spasm होने से अपने आप ठीक नहीं होता। पुराने फिशर को proper treatment चाहिए।
क्या फिशर अपने आप ठीक हो सकता है?
नया फिशर 4-6 हफ्ते में ठीक हो सकता है अगर: 1) फाइबर ज्यादा खाओ (सब्जी-फल), 2) पानी खूब पियो, 3) जोर मत लगाओ, 4) गर्म पानी में बैठो (sitz bath)। लेकिन 40% cases में फिशर chronic हो जाता है और medicine के बिना ठीक नहीं होता।
किसको फिशर होने का ज्यादा chance है?
इन लोगों को ज्यादा risk: 1) जिनको हमेशा कब्ज रहती है, 2) Pregnant ladies और new mothers, 3) बड़ी उम्र के लोग, 4) Office में बहुत देर बैठने वाले (IT job वाले, drivers), 5) जो fiber कम खाते हैं (मैदा, fast food ज्यादा)। फिशर मर्द और औरत दोनों में equal होता है।
क्या फिशर छूने से फैलता है?
नहीं! फिशर एक इंसान से दूसरे में नहीं फैलता। ये कोई infection नहीं है। फिशर सिर्फ कट है जो hard potty या जोर लगाने से होता है। Toilet share करने से, touch करने से कुछ नहीं होता।
क्या बच्चों को भी फिशर हो सकता है?
हां, छोटे बच्चों और babies में भी फिशर common है, खासकर जिन बच्चों को कब्ज रहती है। Signs: potty करते वक्त रोना, diaper में खून, दर्द के डर से potty न करना। Treatment: ज्यादा पानी और fruits दो। ज्यादातर सही care से ठीक हो जाते हैं।
फिशर का इलाज कैसे होता है
फिशर का सबसे अच्छा इलाज क्या है?
नए फिशर के लिए: 1) फाइबर वाला खाना खाओ (सब्जी, फल, दाल), 2) दिन में 3-4 बार गर्म पानी में बैठो, 3) पानी खूब पियो, 4) potty से पहले coconut oil लगाओ। पुराने फिशर के लिए: होम्योपैथी medicine बहुत अच्छा काम करती है - बिना operation ठीक होता है।
क्या फिशर बिना operation ठीक हो सकता है?
हां! 80-90% फिशर बिना surgery ठीक हो जाते हैं। होम्योपैथी से कैसे: 1) मांसपेशी का tension कम होता है, 2) खून का flow बढ़ता है, 3) कब्ज की problem root से ठीक होती है। हमारे पास बहुत से patients बिना operation ठीक हुए हैं।
होम्योपैथी से फिशर कैसे ठीक होता है?
होम्योपैथी पूरे body को देखती है, सिर्फ फिशर नहीं: 1) आपकी पूरी history देखकर medicine दी जाती है, 2) कब्ज क्यों होती है वो ठीक होता है, 3) stress की वजह से problem हो तो वो भी, 4) cream जैसे side effects नहीं। Research में 75% patients को relief मिला।
होम्योपैथी से फिशर कितने दिन में ठीक होता है?
नया फिशर: 2-4 हफ्ते में better feel होता है। पुराना फिशर: 2-3 महीने में काफी सुधार। ये depend करता है: 1) कितना पुराना है, 2) आप diet follow कर रहे हो या नहीं (शराब, मिर्च नहीं), 3) regular medicine ले रहे हो। Study में 88% patients 3 महीने में पूरा ठीक हुए।
क्या steroid cream safe है फिशर में?
लंबे time तक नहीं! Steroid cream के नुकसान: 1) Skin पतली हो जाती है, 2) Body का अपना healing कम होता है, 3) बंद करो तो problem और बढ़ती है। Doctor की देखरेख में थोड़े दिन ठीक है, पर long term के लिए होम्योपैथी better है।
Sitz bath क्या है और कैसे करें?
Sitz bath मतलब गर्म पानी में बैठना। कैसे करें: एक tub में 3-4 inch गर्म (hot नहीं) पानी भरो, 10-15 minute बैठो। ये कैसे help करता है: 1) Muscle relax होती है, 2) Blood flow बढ़ता है, 3) दर्द कम होता है। दिन में 3-4 बार करो, खासकर potty के बाद।
फिशर का operation कब करना पड़ता है?
Operation तभी जरूरी है जब: 1) 6-8 हफ्ते medicine से ठीक न हो, 2) बहुत ज्यादा दर्द हो, 3) जीना मुश्किल हो जाए। Operation में muscle में छोटा cut लगाते हैं। Success rate 95% है पर 5-10% में loose motion का temporary problem हो सकता है। पहले medicine try करो।
क्या ठीक होने के बाद फिशर फिर से हो सकता है?
हां, अगर कारण ठीक न हो तो दोबारा हो सकता है। दोबारा होने के reasons: 1) फिर से कब्ज होना, 2) Diet ठीक न रखना, 3) पानी कम पीना, 4) बहुत देर बैठना। होम्योपैथी इसलिए अच्छी है क्योंकि ये root cause ठीक करती है, बार-बार होने से बचाती है।
Potty से पहले क्या लगाऊं जिससे दर्द कम हो?
ये लगा सकते हो: 1) Coconut oil - सबसे अच्छा और natural, 2) Vaseline, 3) Liquid paraffin। Potty जाने से 5-10 minute पहले थोड़ा सा लगाओ। इससे friction कम होता है और दोबारा कट नहीं लगता।
Botox injection फिशर में काम करता है?
हां, कभी-कभी पुराने फिशर में Botox injection देते हैं। ये muscle को relax करता है जिससे healing होती है। Plus points: Surgery से कम risk। Minus points: महंगा है, बार-बार लगवाना पड़ सकता है। ज्यादातर cases में medicine से काम हो जाता है।
खाना-पीना और lifestyle
फिशर में क्या खाना चाहिए?
Fiber वाला खाना खाओ: 1) सब्जियां - पालक, गाजर, beans, 2) फल - पपीता (सबसे अच्छा), केला, सेब, अमरूद, 3) दालें - मूंग, चना, राजमा, 4) ओट्स, brown rice, गेहूं, 5) Dry fruits - बादाम, अखरोट। और रोज छाछ या दही जरूर खाओ।
फिशर में क्या नहीं खाना चाहिए?
ये चीजें avoid करो: 1) मैदा - bread, biscuit, naan, pizza, 2) ज्यादा चावल (white rice), 3) मटन, beef - पचने में heavy, 4) तला हुआ खाना, 5) शराब - body को dry करती है, 6) बहुत मिर्च-मसाला, 7) Fast food - burger, momos, 8) ज्यादा चाय-coffee।
फिशर में कितना पानी पीना चाहिए?
दिन में 8-10 glass (2-3 liter) पानी जरूर पियो! पानी क्यों जरूरी: 1) Potty soft रहती है, 2) कब्ज नहीं होती, 3) Fiber काम करता है। Tip: सुबह उठकर 2 glass गर्म पानी पियो, हमेशा bottle साथ रखो।
देर तक बैठना फिशर के लिए बुरा है?
बहुत बुरा है! लंबे time बैठने से: 1) गुदा पर pressure बढ़ता है, 2) Blood flow कम होता है, 3) फिशर और खराब होता है। Solution: हर 1 घंटे में 10 minute चलो। IT job, drivers, office workers को ज्यादा खतरा है।
Potty के लिए सही position क्या है?
Indian style (उकड़ू) बैठना सबसे अच्छा है। Western toilet पर trick: पैरों के नीचे छोटा stool (6-8 inch) रखो। इससे potty आसानी से निकलती है, जोर नहीं लगाना पड़ता। इसे 'Squatty Potty' कहते हैं।
Potty करते वक्त जोर नहीं लगाना चाहिए?
बिल्कुल नहीं! जोर लगाना सबसे बड़ी गलती: 1) फिशर और फट सकता है, 2) Muscle में spasm होता है, 3) Healing रुक जाती है। क्या करो: जब भी feel हो तुरंत जाओ, ज्यादा देर मत बैठो, phone मत देखो toilet में।
Tension/stress से फिशर बढ़ता है?
हां! Stress का effect: 1) Muscle tight होती है, 2) खाने की आदतें खराब होती हैं, 3) कब्ज होती है, 4) Pain का डर से potty करने में डर। कैसे manage करो: Deep breathing करो, yoga करो, अच्छी नींद लो।
Exercise करना फिशर में अच्छा है या बुरा?
हल्की exercise अच्छी है: 1) Blood circulation बढ़ता है, 2) Potty regular होती है, 3) Stress कम होता है। अच्छा: Walking, swimming, yoga। Avoid: Heavy gym, cycling (शुरू में)। जब तक तेज दर्द है तब तक rest करो।
मिर्च-मसाला पूरा बंद करना है?
जब तक फिशर active है तब तक हां! मसाले से: 1) Potty में जलन और बढ़ती है, 2) Already irritated area और खराब होता है। Avoid करो: Red chili, ज्यादा काली मिर्च, hot sauce। ठीक होने के बाद धीरे-धीरे हल्का मसाला शुरू कर सकते हो।
पपीता फिशर में क्यों अच्छा है?
पपीता best है फिशर में! क्यों: 1) Papain enzyme digestion आसान करता है, 2) Fiber से potty soft होती है, 3) Natural laxative की तरह काम करता है, 4) पानी भरपूर है। कैसे खाओ: सुबह खाली पेट पका पपीता। आंवला juice, इसबगोल भी अच्छा है।
Daily care और practical tips
Potty के बाद सफाई कैसे करें?
Gentle cleaning करो: 1) पानी से धोना सबसे अच्छा (Indian style), 2) Toilet paper use करो तो रगड़ो मत - हल्के से dab करो, 3) High pressure jet avoid करो, 4) Unscented wipes use कर सकते हो। Cleaning के बाद पूरा dry करो, फिर cream/oil लगाओ।
Sitz bath दिन में कितनी बार करें?
Active फिशर में दिन में 3-4 बार: 1) हर potty के बाद, 2) सोने से पहले, 3) जब भी दर्द हो। हर बार 10-15 minute बैठो। Epsom salt (1-2 spoon) डाल सकते हो। ये free और safe है, दर्द में बहुत relief देता है।
क्या फिशर में बर्फ लगा सकते हैं?
सीधे फिशर पर नहीं! Cold से muscle और tight हो सकती है। अगर सूजन है तो: बर्फ को कपड़े में लपेटो और बाहर से 5 minute के लिए। Better option: दर्द के लिए गर्म sitz bath करो, doctor की दी हुई pain medicine लो।
क्या Laxative (जुलाब) लेना safe है?
Mild laxative safe है: 1) Isabgol (सबसे अच्छा - natural), 2) Lactulose syrup, 3) Milk of Magnesia। Avoid करो: Strong laxative (Senna, Dulcolax) 1-2 हफ्ते से ज्यादा - इनकी आदत पड़ जाती है। सबसे अच्छा: Diet से ठीक करो, medicine temporary help के लिए।
Potty रोकना चाहिए या नहीं?
कभी नहीं रोकना! Potty रोकने से: 1) Potty और hard हो जाती है, 2) ज्यादा दर्द होगा, 3) फिर से कट लगेगा। जब भी feel हो, कुछ minute में जाओ। सुबह की feel सबसे strong होती है - ignore मत करो।
Office में फिशर कैसे manage करें?
Office tips: 1) हर 1 घंटे चलो, 2) कुर्सी पर cushion रखो, 3) पानी की bottle साथ रखो, 4) Healthy snacks रखो (fruits), 5) Meeting की वजह से toilet miss मत करो, 6) Wipes साथ रखो, 7) अगर हो सके तो private washroom use करो।
फिशर में कैसे कपड़े पहनें?
Comfortable, loose कपड़े: 1) Cotton underwear - moisture absorb करता है, 2) Loose pants - pressure कम, 3) Tight jeans, leggings avoid करो, 4) Area dry रखो। Sitz bath के बाद पूरा dry करके ही कपड़े पहनो।
फिशर में travel कर सकते हैं?
हां, precaution के साथ: 1) Medicine और oil साथ ले जाओ, 2) Fiber snacks pack करो, पानी पीते रहो, 3) Long drive में हर 1-2 घंटे break लो और चलो, 4) Cushion साथ रखो, 5) Washroom पहले से plan करो, 6) Wipes रखो।
मल में खून आए तो कितना tension लें?
Toilet paper पर या potty के साथ fresh red खून फिशर से होता है - चिंता की बात नहीं। लेकिन तुरंत doctor के पास जाओ अगर: 1) खून dark/काला हो, 2) खून potty में mixed हो, 3) बहुत ज्यादा खून, 4) Weight loss हो रहा हो, 5) 50 साल से ऊपर हो और नए symptoms हों।
Family को फिशर के बारे में कैसे बताऊं?
Simple बोलो: 'Potty वाली जगह में कट है जिससे दर्द होता है। ये common है, serious नहीं। मुझे थोड़ी diet change और medicine लेनी है। थोड़ा extra bathroom time चाहिए।' Family का support diet में बहुत help करता है।
Special problems और complications
क्या फिशर cancer बन सकता है?
नहीं! फिशर सिर्फ कट है, cancer नहीं बनता। लेकिन कुछ cancer में भी फिशर जैसे symptoms (खून, दर्द) होते हैं। अगर treatment से ठीक नहीं हो रहा, या weight loss हो रहा, या पेट की habits बदल रही हैं तो specialist को दिखाओ। 50 से ऊपर उम्र में doctor colonoscopy कर सकते हैं।
Sentinel pile क्या होता है?
ये पुराने फिशर के किनारे पर बनने वाला छोटा सा skin का टुकड़ा (tag) है। ये body का कट को protect करने का try है। इसका मतलब: फिशर पुराना हो गया है, proper treatment चाहिए। Sentinel pile खुद खतरनाक नहीं है।
क्या फिशर में infection हो सकता है?
Chance है लेकिन साफ रखो तो नहीं होता। Infection के signs: दर्द और बढ़ना, सूजन, pus (मवाद), बुखार। ऐसा हो तो तुरंत doctor के पास जाओ। Prevention: Area साफ और dry रखो, गंदे हाथों से touch मत करो, medicine time पर लो।
Crohn's disease और फिशर में क्या connection है?
फिशर Crohn's disease (पेट की बीमारी) का एक sign हो सकता है। Crohn's वाला फिशर: 1) एक से ज्यादा हो सकते हैं, 2) normal जगह पर नहीं होते, 3) normal treatment से ठीक नहीं होते। अगर फिशर बार-बार हो या treatment से ठीक न हो तो doctor Crohn's check कर सकते हैं।
Pregnancy में फिशर हो सकता है?
हां, pregnancy में फिशर common है: 1) Hormones से digestion slow होता है, 2) बच्चा बड़ा होने से pressure, 3) Iron tablets से कब्ज, 4) Delivery में नया फिशर हो सकता है। क्या करो: Extra fiber, खूब पानी, safe stool softener, sitz bath। ज्यादातर delivery के बाद ठीक हो जाते हैं।
Treatment से भी फिशर ठीक न हो तो?
6-8 हफ्ते में ठीक न हो तो check करो: 1) Diet सही follow कर रहे हो? 2) Medicine सही ले रहे हो? 3) Regular sitz bath कर रहे हो? 4) कोई और problem तो नहीं (Diabetes, Crohn's)? Doctor से मिलो - strong medicine, Botox, या surgery की जरूरत हो सकती है।
Diabetes वालों में फिशर जल्दी ठीक होता है?
नहीं, Diabetes में healing slow होती है: 1) High sugar से wound healing कम, 2) Blood circulation कम, 3) Infection का ज्यादा chance। Diabetic patients के लिए: Sugar control में रखो, extra साफ रखो, ज्यादा time दो treatment को।
क्या फिशर खानदानी (genetic) है?
फिशर directly genetic नहीं है। लेकिन family में आ सकता है क्योंकि: 1) कब्ज की tendency, 2) खाने की आदतें, 3) Lifestyle same होती है। अगर family में किसी को है तो prevention पर ध्यान दो: Fiber ज्यादा, पानी ज्यादा, exercise regular।
Surgery के बाद भी फिशर फिर हो सकता है?
हां, 10-15% cases में दोबारा हो सकता है। क्यों: 1) कब्ज फिर से होना, 2) Diet ठीक न रखना, 3) जोर लगाना फिर शुरू। होम्योपैथी क्यों अच्छी: Root cause ठीक करती है। Surgery के बाद भी होम्योपैथी से दोबारा होने का chance कम होता है।
फिशर surgery के क्या risks हैं?
Surgery (Sphincterotomy) के risks: 1) Loose motion control में problem (5-18% में, usually temporary), 2) Infection, 3) पूरा ठीक न होना, 4) फिर से होना (10-15%)। Benefit: 95% success rate। Decision: पहले 6-8 हफ्ते medicine try करो, फिर भी न हो तो surgery consider करो। Second opinion लो।
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